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भोरमदेव कॉरिडोर की धीमी रफ्तार पर डिप्टी सीएम शर्मा और पर्यटन मंत्री ने जताई नाराजगी, समय-सीमा में काम पूरा करने के दिए निर्देश

कवर्धा। जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर परिसर में प्रसाद योजना के तहत करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन भोरमदेव कॉरिडोर के कार्यों की समीक्षा को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और उपमुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक विजय शर्मा सहित संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक में कॉरिडोर के निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। काम की धीमी गति को लेकर ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में दोनों मंत्रियों ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदारों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि काम में किसी भी तरह की लेटलतीफी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को भी निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करने और गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

भोरमदेव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले, यही हमारा प्रयास- मंत्री अग्रवाल

वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारा जो भोरमदेव मंदिर है, ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर है, उसकी ऐतिहासिकता बची रहे और उसी के आधार पर भी अभी के निर्माण होंगे। उन्होंने कहा कि भोरमदेव को राष्ट्रीय नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले, हमारी सरकार का यही प्रयास है।

भोरमदेव को धार्मिक और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में अब निर्माण कार्य की रफ्तार और गुणवत्ता, दोनों पर प्रशासन की निगाह रहेगी।

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