
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक युवती का अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के देवरिया से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कथित तौर पर वीडियो कॉल के दौरान युवती की जानकारी और सहमति के बिना उसका निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित कर दिया।
दुर्ग पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक जांच के आधार पर आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया। अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को पीड़िता ने थाना खुर्सीपार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी मनीष साहनी ने वीडियो कॉल के दौरान उसकी जानकारी और अनुमति के बिना उसका अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

इसके बाद आरोपी ने कथित रूप से:
- वीडियो को व्हाट्सएप के जरिए पीड़िता के रिश्तेदारों को भेजा।
- अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया।
- इससे पीड़िता की निजता और सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
शिकायत मिलने के बाद खुर्सीपार थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
आरोपी के खिलाफ:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 की धारा 66E
- धारा 67
- धारा 67A
के तहत अपराध दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से मिला आरोपी का सुराग
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष जांच टीम बनाई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने:
- मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया।
- इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए।
- तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की लोकेशन का पता लगाया।
जांच में आरोपी की मौजूदगी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मिलने पर पुलिस टीम वहां पहुंची और उसे हिरासत में लिया।
देवरिया से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने देवरिया जिले के नया नगर क्षेत्र निवासी मनीष साहनी (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर पुलिस की सख्ती
दुर्ग पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया या डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर किसी की निजी तस्वीर या वीडियो उसकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड करना, साझा करना या प्रसारित करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से आरोपियों तक पहुंच रही है और उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की निजी सामग्री को उसकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड, साझा या प्रसारित न करें। यदि किसी के साथ इस तरह की घटना होती है, तो वह बिना देरी किए निकटतम पुलिस थाने या साइबर पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए।



