
भोपाल। मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधा संवाद किया। “इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कारोबार और उद्योगों के लिए किए जा रहे बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने उद्योगों और व्यापार को आसान बनाने के लिए 2700 से अधिक नियमों और करीब 900 कानूनों को समाप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि जरूरत के मुताबिक निर्धारित नीतियों के तहत उन्हें आवश्यक छूट और सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही उन्होंने उद्योग जगत को आगामी GIS-2027 में शामिल होने का न्योता दिया।
2700 से ज्यादा नियम हटाए, कारोबार को बनाया आसान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर सरकार का विशेष जोर है। सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां निवेशकों को अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक इकाई के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। अब करीब 29 दिन में जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार ऑन-द-स्पॉट लैंड अलॉटमेंट की दिशा में भी काम कर रही है।
निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश की प्रमुख खूबियां
- 2700 से अधिक नियमों को समाप्त करने का दावा
- करीब 900 कानूनों को खत्म कर प्रक्रियाएं आसान करने का प्रयास
- औद्योगिक इकाइयों के लिए करीब 29 दिन में जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था
- 1 लाख से अधिक इंडस्ट्रियल लैंड बैंक
- 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा रोड नेटवर्क
- लॉजिस्टिक्स, माइनिंग और पर्यटन में निवेश की संभावनाएं
- निवेश अनुकूल नीतियों के तहत विभिन्न प्रोत्साहन
खनन से लेकर पर्यटन तक निवेश के बड़े अवसर
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को प्राकृतिक और खनिज संपदा से समृद्ध राज्य बताते हुए निवेशकों को खनन क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने हीरा और स्वर्ण सहित विभिन्न खनिज संसाधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में माइनिंग सेक्टर में विकास की बड़ी संभावनाएं हैं।
उन्होंने पर्यटन क्षेत्र को भी निवेश का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सरकार के अनुसार होटल व्यवसाय शुरू करने पर 30 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।
पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और लंबी अवधि की लीज जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटक पहुंचे।
UAE से सीधी एयर कनेक्टिविटी का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को बताया कि मध्यप्रदेश से यूएई और अबुधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध हो गई है। सरकार की ओर से प्रति फ्लाइट VGF दिए जाने की भी जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि अगले महीने प्रदेश से शारजाह के लिए भी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आने का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश से वर्तमान में 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास दर, रोजगार और औद्योगिक माहौल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को अपराध मुक्त वातावरण और समय सीमा में काम पूरा करने की व्यवस्था आकर्षित कर रही है।
लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 में मिल रही कई सुविधाएं
दुबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने भी निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों की जानकारी रखी।
उन्होंने बताया कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, नर्मदा एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ने वाले औद्योगिक अवसरों को भी निवेशकों के सामने रखा गया।
इन सेक्टरों पर सरकार का खास फोकस
दुबई के निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश के कई प्रमुख सेक्टरों को निवेश के लिए संभावनाशील बताया गया। इनमें खास तौर पर शामिल हैं—
- लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग
- खनन और खनिज आधारित उद्योग
- पर्यटन और होटल व्यवसाय
- ग्रीन एनर्जी
- इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर
- मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नवाचार, विकास और साझा समृद्धि की संभावनाओं वाली धरती है। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश में आकर अपने कारोबार को विस्तार देने की अपील की।
भारत-UAE संबंधों को लेकर भी हुई चर्चा
दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने भारत और यूएई के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और पर्यटन एवं आध्यात्मिक संभावनाओं की सराहना की।
कार्यक्रम में आईपीएफ यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य और उद्योगपति एवं सांसद राजिंदर गुप्ता सहित कई लोगों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से GIS-2027 में शामिल होने का आग्रह करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए लगातार अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। सरकार का फोकस अब प्रदेश को निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए केंद्र के रूप में विकसित करने पर है।



