
दिल्ली में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की खपत में तेज़ी दर्ज की जा रही है। पिछले सप्ताह से शहर में बिजली की मांग लगातार 8,000 मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। बिजली विभाग के अनुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में यह मांग 9,000 मेगावाट को भी पार कर सकती है।
इस संभावित संकट को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी विभागों को ऊर्जा बचत और बिजली की अनावश्यक खपत रोकने के निर्देश जारी किए हैं।
सरकार के प्रमुख कदम
- विभागीय ऊर्जा खर्च में कटौती
- सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक बिजली उपयोग पर रोक
- ऊर्जा दक्ष उपकरणों का अधिकतम उपयोग
- वर्क फ्रॉम होम (WFH) प्रोत्साहन
- सप्ताह में दो दिन कर्मचारियों को WFH की सुविधा देने के लिए कहा गया
- इससे कार्यालयों में बिजली की खपत में कमी आएगी
- सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
- अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी वाहनों की बजाय मेट्रो और बस जैसे सार्वजनिक साधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया
- ऑफिस समय के बाहर बिजली बचत
- कार्यालय समय के बाद लाइट, एयर कंडीशनिंग और अन्य बिजली उपकरणों के अनावश्यक उपयोग पर रोक
पावर विभाग का चेतावनी
- यदि बिजली की मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो पावर मैनेजमेंट को और सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं
- अभी तक आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ चुनौती भी बढ़ सकती है
विशेषज्ञों की राय
- गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा संरक्षण के उपाय लंबे समय तक लागू किए जाने चाहिए
- इससे भविष्य में बिजली संकट से बचाव संभव होगा



