
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिसिंग को भी अपडेट करना जरूरी है, ताकि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
हाई लेवल मीटिंग में हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस की ट्रेनिंग व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब केवल पारंपरिक प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है।
अब ट्रेनिंग में क्या होगा जरूरी?
- साइबर अपराध की गहरी समझ
- फोरेंसिक तकनीक का प्रशिक्षण
- बेहतर संवाद कौशल
- व्यवहारिक और परिस्थिति आधारित प्रशिक्षण
- संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपराध के तरीके तेजी से बदल रहे हैं, खासकर साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- पुलिस प्रशिक्षण में डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए
- प्रशिक्षण वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित हो
- पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाया जाए
आधुनिक उपकरणों का उपयोग बढ़ेगा
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण केंद्रों में आधुनिक संसाधनों को बढ़ाने पर भी जोर दिया।
प्रमुख निर्देश:
- आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग
- वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव देने वाले ट्रेनिंग मॉडल
- मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहारिक प्रशिक्षण
- नागरिकों से बेहतर व्यवहार की ट्रेनिंग
पुलिस और जनता के बीच भरोसा जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत होना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि पुलिसकर्मी:
- संवेदनशील व्यवहार अपनाएं
- जिम्मेदारी से काम करें
- जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें
भविष्य की पुलिसिंग पर फोकस
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने मौजूदा प्रशिक्षण प्रणाली की जानकारी दी और सुधारों पर चल रहे प्रयासों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने इन सुधारों को तय समय सीमा में लागू करने के निर्देश दिए।



