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आईओसी ने सुरक्षा कारणों से अपने सहयोगियों को बोतलों, प्लास्टिक के डिब्बों में पेट्रोल नहीं बेचने का दिया निर्देश

चेन्नई, भारतीय तेल निगम (आईओसी) ने शुक्रवार को अपने सभी सहयोगियों को बोतलों, प्लास्टिक के डिब्बों और अन्य कंटेनरों में पेट्रोल न बेचने का निर्देश दिया है क्योंकि पेट्रोल पंप के सामने कतार में खड़े वाहन चालक घबराहट में ईंधन भरवा रहे हैं।

पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट के कारण आपूर्ति में कमी की आशंकाओं के बीच लोगों ने बोतलों और डिब्बों में पेट्रोल की घबराहट में खरीदारी शुरू कर दी है, हालांकि आईओसी ने कहा कि खुले कंटेनरों में पेट्रोल वितरित नहीं करने का निर्णय जन सुरक्षा के लिए लिया गया है।

आईओसी के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में ऐसी कई घटनाएं सामने आ रही हैं जहां बड़ी संख्या में ग्राहक खुदरा दुकानों पर जा रहे हैं और बाजार में मची अफरा-तफरी का हवाला देते हुए बोतलों और अन्य असुरक्षित कंटेनरों में ईंधन की मांग कर रहे हैं।

पेट्रोलियम अधिनियम 1934 के अंतर्गत, खुदरा पेट्रोल पंपों को आमतौर पर केवल वाहनों के टैंकों या अनुमोदित विशेष कंटेनरों में सीधे ईंधन भरने करने का लाइसेंस प्राप्त है और खुली बोतलों में बेचना एक उल्लंघन है जिसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक सुरक्षा सहित गंभीर खतरे हो सकते हैं।

पेट्रोल से प्लास्टिक की बोतलें और अन्य बर्तन घुल सकते हैं या फट सकते हैं, जिससे रिसाव, फैलाव एवं खतरनाक रासायनिक प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। गैर-मान्यता प्राप्त बर्तनों में अक्सर ईंधन के लिए उचित वेंटिलेशन की कमी होती है और उनमें स्थैतिक विद्युत उत्पन्न हो सकती है, जिससे विस्फोट हो सकता है।

उन्होंने कहा कि ईंधन के दुरुपयोग को असामाजिक गतिविधियों या आपराधिक कृत्यों, ज्वलनशील उपकरण बनाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश एवं प्रतिबंध भी लागू हैं।

ये दिशानिर्देश एक बार फिर चैनल पार्टनर्स को सभी खुदरा पेट्रोल पंपों पर आवश्यक अनुपालन एवं कार्यान्वयन के लिए जारी किए गए हैं।

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