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BRICS में व्यापार की बड़ी बाधाएं हटाने पर जोर, मोदी ने दिया 10 बाधाओं की रिपोर्ट का लक्ष्य; हर साल 100 स्टार्टअप को मिलेगा विस्तार का मौका

नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और कारोबारी सहयोग को मजबूत करने पर बड़ा जोर दिया है। शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने समूह के देशों के बीच व्यापार की राह में आने वाली बड़ी बाधाओं को दूर करने और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने BRICS बिजनेस काउंसिल के सामने एक स्पष्ट लक्ष्य भी रखा। उन्होंने समूह के देशों के बीच व्यापार में आने वाली शीर्ष 10 बाधाओं को चिन्हित कर उन्हें दूर करने के लिए रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव दिया।

इसके साथ ही उन्होंने हर साल कम से कम 100 BRICS स्टार्टअप को दूसरे BRICS देशों के बाजारों में विस्तार करने में मदद करने की दिशा में काम करने की बात कही।

व्यापार में बाधाएं कम करने पर जोर

मोदी ने कहा कि BRICS अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है और ऐसे समय में समूह को आर्थिक सहयोग को नई गति देनी चाहिए। उन्होंने कारोबारी जगत से पूछा कि क्या BRICS देशों के बीच व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं को दूर करने के लिए हर साल प्रगति की समीक्षा की जा सकती है।

प्रधानमंत्री के प्रस्ताव में तीन प्रमुख लक्ष्य सामने आए:

  • BRICS व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं को हटाने के लिए रिपोर्ट तैयार करना।
  • हर साल 100 BRICS स्टार्टअप को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों में विस्तार में मदद करना।
  • कारोबारी जगत के बीच हर साल 1,000 नई साझेदारियां विकसित करना।

मोदी ने इन तीनों क्षेत्रों में हर वर्ष प्रगति की समीक्षा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

स्टार्टअप और MSME सहयोग बढ़ाने की पहल

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में BRICS ने कृषि, स्वास्थ्य, कौशल विकास और स्मार्ट-ग्रिड जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए नेटवर्क विकसित किए हैं।

स्टार्टअप और छोटे तथा मझोले उद्यमों को बाजार और वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने के लिए भी कई पहल की गई हैं। इनमें BRICS इनक्यूबेटर नेटवर्क, BRICS MSME पोर्टल और BRICS स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहलें शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि ऐसी व्यवस्थाओं से BRICS देशों के बीच निवेश, तकनीक और कौशल के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सकता है।

समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा जरूरी

मोदी ने वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में व्यापार तभी तेजी से आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, सप्लाई रूट खुले रहें और नाविक सुरक्षित रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों ने वैश्विक समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।

भारत बना रहा आर्थिक संपर्क के नए पुल

मोदी ने कहा कि जब दुनिया में व्यापार की राह में अलग-अलग तरह की बाधाएं बढ़ रही हैं, तब भारत विभिन्न बाजारों के साथ आर्थिक संपर्क के नए पुल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने भारत की व्यापार नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 के बाद देश ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। BRICS को लेकर भी भारत की सोच बाधाओं को कम करने और कारोबार के अवसर बढ़ाने की है।

भारत की अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी पर भी जोर

प्रधानमंत्री ने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का उल्लेख किया। उन्होंने वैश्विक निवेशकों को भारत में नवाचार और आविष्कार के लिए आने तथा यहां से दुनिया के बाजारों के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन करने का आमंत्रण दिया।

उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति को भी रेखांकित किया।

मोदी ने कहा कि भारत में स्टार्टअप क्रांति हो रही है और देश दुनिया के लिए नए समाधान विकसित करने का केंद्र बन रहा है।

UPI का भी किया खास जिक्र

प्रधानमंत्री ने भारत के UPI इकोसिस्टम का उदाहरण देते हुए कहा कि कई देश भारत की इस डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि BRICS देशों के नवाचार भी इसी तरह अपने-अपने देशों के लिए नए समाधान तैयार करने में मदद कर सकते हैं।

उनका संदेश साफ था कि BRICS केवल आर्थिक सहयोग का मंच न रहकर वैश्विक समस्याओं के समाधान और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बने।

पुतिन और पेजेशकियान भी रहे मौजूद

BRICS बिजनेस फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भी उपस्थित थे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस व्यापार प्रदर्शनी इनोप्रोम का दौरा भी किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि BRICS देश मिलकर काम करें तो दुनिया की समस्याओं और जरूरतों के समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता रखते हैं।

भारत की अध्यक्षता में BRICS चर्चाओं का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है। मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने इन विचारों को अपनी अर्थव्यवस्था और व्यापार नीति का आधार बनाया है।

प्रधानमंत्री का आह्वान स्पष्ट है—BRICS के भीतर व्यापार की बाधाएं कम हों, स्टार्टअप और कारोबार को नए बाजार मिलें और सदस्य देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों के समाधान विकसित करें।

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