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चैत्र नवरात्रि पर कब करें कलश की स्थापना, जानें सामग्री व शुभ समय

नई दिल्ली: हर साल आने वाली नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, और इसमें विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि का महत्व अधिक होता है। चैत्र नवरात्रि का पर्व इस बार 19 मार्च से शुरू हो रहा है, और यह 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होगा। इन 9 दिनों में, माता दुर्गा की पूजा से घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जाता है, और भक्त उनकी कृपा प्राप्त करते हैं। इस नवरात्रि में कलश स्थापना की प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। आइए, जानें कि इस बार कलश स्थापना कब करनी है, इसके लिए कौन सी सामग्री चाहिए और क्या है शुभ समय।


कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च को होगा, जब चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी। इस दिन कलश स्थापना की जाएगी। इस दिन का शुभ मुहूर्त 06:52 एएम से 07:43 एएम तक रहेगा, जो कि सुबह का समय है। इस समय के बीच कलश स्थापना करना उत्तम माना जाता है।

  • कलश स्थापना का दिन: 19 मार्च

  • शुभ समय: 06:52 एएम से 07:43 एएम

चैत्र नवरात्रि पूजा की सामग्री

कलश स्थापना के लिए कुछ विशेष सामग्री की आवश्यकता होती है, जिनसे पूजा का माहौल शुभ और संपूर्ण हो:

  1. मिट्टी का पात्र (कलश)

  2. जौ, मिट्टी, जल (कलश भरने के लिए)

  3. मौली, इलायची, लौंग, कपूर, रोली, साबुत सुपारी, साबुत चावल

  4. सिक्के (धन का प्रतीक)

  5. आम या अशोक के पांच पत्ते (पूजा की स्वच्छता और समृद्धि के लिए)

  6. नारियल (कलश पर रखने के लिए)

  7. चुनरी और सिंदूर

  8. फल-फूल और फूलों की माला

  9. शृंगार पिटारी (माता के श्रृंगार के लिए)

  10. पानी और घी (हवन सामग्री)


चैत्र नवरात्रि में कौन सा उपाय करें?

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करने का महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह पूजा पूरे नौ दिनों तक की शुभता का आधार बनती है। इसके अलावा, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह पाठ घर में सुख-समृद्धि और शांति लाने में सहायक होता है।

  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें: माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य माना जाता है।


माता की सवारी: इस बार क्या होगी?

प्रत्येक नवरात्रि में देवी माता अपनी सवारी के रूप में किसी वाहन पर सवार होकर आती हैं, जो अगले छह महीनों के घटनाक्रम का संकेत देता है। इस बार, माता दुर्गा पालकी पर सवार होकर आएंगी, जो की समृद्धि, सुख और शांति का प्रतीक है।


सावधानी और ध्यान रखने योग्य बातें:

  1. कलश स्थापना का समय: समय का पालन करके पूजा करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस साल 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक का मुहूर्त है, इस दौरान ही कलश की स्थापना करें।

  2. सारी सामग्री: कलश स्थापना से पहले सारी पूजा सामग्री तैयार रखें।

  3. पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करें: पूजा करते समय ध्यान रखें कि हर वस्तु सही स्थान पर रखी जाए और पूजा विधि के अनुसार की जाए।

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