
दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी की 1,511 अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता मांगी है।
मुख्यमंत्री ने संशोधित PM-UDAY योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहले चरण में 100 करोड़ रुपये की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
मालिकाना हक की प्रक्रिया होगी आसान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि संशोधित PM-UDAY योजना के लागू होने से अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति अधिकार दिलाने की प्रक्रिया को नया आधार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अपने घरों का कानूनी अधिकार मिलने में परेशानी आ रही थी। नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस योजना से:
- संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
- जमीन और मकानों का सत्यापन आसान होगा।
- निवासियों को कानूनी मालिकाना हक मिलने की प्रक्रिया तेज होगी।
- लंबित मामलों का जल्द समाधान हो सकेगा।
100 करोड़ रुपये का होगा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांगी गई 100 करोड़ रुपये की राशि के उपयोग का पूरा खाका भी बताया है।
इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कार्यों में किया जाएगा:
- आधुनिक भू-सर्वे और डिजिटल मैपिंग प्रणाली विकसित करना।
- जिला स्तर पर PM-UDAY सेल स्थापित करना।
- लोगों को योजना की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाना।
- संपत्ति दस्तावेजों के सत्यापन और रिकॉर्ड अपडेट करना।
सरकार का कहना है कि तकनीक आधारित सर्वे और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
13 जिलों में बनेंगे PM-UDAY सेल
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के बेहतर संचालन के लिए दिल्ली के सभी 13 जिलों में PM-UDAY सेल बनाए जाएंगे।
इन सेल की जिम्मेदारी होगी:
- संपत्तियों का सत्यापन करना।
- दस्तावेजों की जांच करना।
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाना।
- संपत्ति अधिकार से जुड़े मामलों का निपटारा करना।
इन सेल का नेतृत्व संबंधित अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) करेंगे।
‘दृष्टि’ प्रणाली से होगी डिजिटल मैपिंग
प्रस्तावित योजना में ‘दृष्टि’ (DRISHTI) पहल को भी शामिल किया गया है। इसके तहत आधुनिक तकनीक के जरिए भू-सर्वे और डिजिटल मैपिंग की जाएगी।
सरकार के अनुसार, इसके लिए करीब 65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे कॉलोनियों की वास्तविक स्थिति, संपत्तियों की पहचान और भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा जिला स्तर और मुख्यालय पर PM-UDAY सेल बनाने के लिए करीब 25 करोड़ रुपये और जनजागरूकता अभियान के लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
45 दिनों में दस्तावेज जारी करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि PM-UDAY योजना के तहत तय समय सीमा में संपत्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त संसाधनों और वित्तीय सहायता के बिना 45 दिनों की निर्धारित समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल होगा। इसलिए केंद्र से जल्द आर्थिक मंजूरी देने की अपील की गई है।
लाखों परिवारों को मिलेगा फायदा
दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में लंबे समय से बड़ी आबादी निवास कर रही है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अक्सर संपत्ति से जुड़े कानूनी अधिकारों और दस्तावेजों को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
PM-UDAY योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि पात्र लोगों को उनके घरों का मालिकाना अधिकार मिल सके और वे अपनी संपत्ति का उपयोग कानूनी रूप से कर सकें।
अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इस योजना को जमीन पर तेजी से लागू करने की तैयारी है। अगर प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी मिलती है, तो दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।



