
सरकारी प्रयासों से अब तक 4 भारतीय झंडे वाले जहाज युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकल चुके हैं। 13 मार्च को 2 एलपीजी कैरियर ने यात्रा शुरू की और 14 मार्च को सुबह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर लिया। पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज फंसे हैं।
युद्ध प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकलकर भारतीय ध्वज वाला दूसरा एलपीजी टैंकर मंगलवार तड़के भारत पहुंच गया। संघर्ष क्षेत्र में अभी भी फंसे बाकी 22 भारतीय जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास जोरों पर हैं। पोर्ट्स, शिपिंग व जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि एलपीजी टैंकर नंदा देवी गुजरात के कांडला पोर्ट पर मंगलवार सुबह करीब 2:30 बजे पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को पहला जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा था। दोनों जहाजों में कुल 92,712 टन LPG लदा है, जो देश की एक दिन की खपत के बराबर है।
राजेश कुमार सिन्हा ने बताया, ‘दोनों जहाजों से एलपीजी की उतराई शुरू हो गई है। अभी नंदा देवी मां-बेटी शिप-टू-शिप ट्रांसफर कर रही है।’ उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई घटना नहीं हुई है। 2 एलपीजी कैरियर 13 मार्च को अपनी यात्रा पर निकले थे और 14 मार्च की सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। इनके साथ अब युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकलकर भारत पहुंचने वाले भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 4 हो गई है।
भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज फंसे
फिलहाल 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज पश्चिमी खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिन पर कुल 611 भारतीय नाविक सवार हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग इनकी निगरानी कर रहा है और जहाज मालिकों, एजेंसियों व भारतीय मिशनों के साथ समन्वय में काम कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले और ईरान के जवाबी हमलों के बाद व्यावहारिक रूप से बंद हो गया है। युद्ध शुरू होने के समय कुल 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज इस क्षेत्र में थे, 24 जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में और 4 पूर्वी हिस्से में। अभी पश्चिमी तरफ 22 और पूर्वी तरफ 2 जहाज बचे हैं।
पूर्वी तरफ से एक क्रूड ऑयल टैंकर यूएई के फुजैरा पोर्ट से हमले के बावजूद सुरक्षित निकल चुका है और मंगलवार को भारत पहुंचने वाला है। इसमें 80,800 टन क्रूड लदा है। जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। दूसरा टैंकर जग प्रकाश ओमान से गैसोलीन लेकर अफ्रीका जा रहा था, जो जलडमरूमध्य पार कर चुका है और अब तंजानिया की ओर बढ़ रहा है। भारतीय अधिकारी क्षेत्र के सभी संबंधित पक्षों से लगातार संपर्क में हैं ताकि बाकी जहाजों को भी सुरक्षित निकाला जा सके।



