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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सराहा PM मोदी के कार्य, इंडिया को भारत बनाने की पहल पर दिया ज़ोर

भोपाल में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों की सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में इंडिया को भारत बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। यह अवसर था “इंडिया से भारत: एक प्रवास” पुस्तक के विमोचन का, जिसकी भूमिका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने लिखी है। इस पुस्तक के लेखक प्रशांत पोल को मुख्यमंत्री ने उनके लेखन प्रयासों के लिए बधाई भी दी।

प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक कार्य

  • अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण: न्यायपालिका के निर्णय और सभी विवादों के बावजूद मंदिर का निर्माण संभव हुआ।
  • राष्ट्रगीत और वंदे मातरम् की गरिमा: प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रगीत की प्रतिष्ठा और गरिमा को बहाल किया।
  • वैश्विक सहयोग: कोविड-19 संकट के दौरान भारत ने न केवल अपने नागरिकों का बल्कि अन्य देशों का भी सहयोग किया।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा: पड़ोसी देशों को शक्ति का एहसास करवाने और जवानों की गौरवपूर्ण वापसी का उदाहरण।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, राम पथ और कृष्ण पाथेय के विकास और सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य जैसे पहलुओं से भारत के प्राचीन गौरव को स्मरण करवाया। उन्होंने कहा कि भारत का गौरव और संस्कृति संरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है।

पुस्तक और कार्यक्रम का महत्व

  • पुस्तक ग्यारह अध्यायों में भारत के इतिहास और प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल (2014–2026) को समझाने का प्रयास करती है।
  • कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा, प्रज्ञा प्रवाह के धीरेन्द्र चतुर्वेदी, विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कान्हेरे और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
  • मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में दो अध्ययन ग्रंथ भी भेंट किए गए:
    1. सूचना के अधिकार अधिनियम और शासकीय विभागों में पालन पर अध्ययन।
    2. “युवा मंथन: सोच, सरोकार और संभावनाएं” – युवा नेतृत्व और संभावनाओं पर केंद्रित।

मुख्य संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए कदमों ने देश को सशक्त, गौरवपूर्ण और एकजुट बनाने में मदद की है। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल पुस्तक विमोचन था, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को भी उजागर करना था।

इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सकारात्मक नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण संभव है, और भारत अपनी ऐतिहासिक महानता को पुनः प्राप्त कर रहा है।

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