
घटना का विवरण:
मृतकों के परिजनों के अनुसार, हादसा अस्पताल की लापरवाही के कारण हुआ। सफाई कर्मियों ने सिवरेज टैंक की सफाई करते समय जहरीली गैस का सामना किया, जिसके बाद वे बेहोश हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि तीनों कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना अस्पताल परिसर में होते हुए भी किसी भी तत्काल सुरक्षा उपाय की कमी को उजागर करती है।
परिजनों का आरोप और हंगामा:
मृतक सफाई कर्मियों के परिजन घटनास्थल पर पहुंचने के बाद गुस्से में थे। उनका आरोप था कि अस्पताल प्रशासन ने पूरी तरह से लापरवाही बरती, जिससे यह हादसा हुआ। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल ने शवों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। शवों को कचरे की तरह ले जाया गया, जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इस वीडियो ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया।
घटना के बाद, परिजनों ने देर रात अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई। अस्पताल के एंट्री गेट पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और यह विवाद रात 3 बजे तक चलता रहा।
रामकृष्ण अस्पताल का मुआवजा ऐलान:
घटना के बाद, अस्पताल प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान किया है। यह निर्णय अस्पताल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लिया। हालांकि, परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए, और यह मुआवजा घटना की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने की कोशिश मात्र हो सकता है।
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही:
यह घटना अस्पताल में सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीर कमी को उजागर करती है। सफाई कर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों का पालन नहीं किया गया था, जिससे उनका जीवन खतरे में पड़ा। परिजनों के आरोपों के अनुसार, अस्पताल ने घटनास्थल पर लापरवाही बरती, जो साफ तौर पर प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।
आगे की कार्रवाई:
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अस्पताल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस हादसे के बाद, अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं, और आने वाले दिनों में यह मामला बड़ा रूप ले सकता है।



