
नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ने सबका ध्यान खींच लिया। किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित 26वें SCO समिट के दूसरे दिन फोटो सेशन के दौरान दोनों नेताओं की अचानक मुलाकात हुई।
प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और गर्मजोशी के साथ अभिवादन किया। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ नजर आए। तीनों नेताओं की मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद यह दृश्य चर्चा का विषय बन गया है।
फोटो सेशन के दौरान हुई अचानक मुलाकात
SCO Summit के दूसरे दिन सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का सामूहिक फोटो सेशन आयोजित किया गया था। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने आए।

दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस दौरान मोदी और जिनपिंग के बीच अलग से कोई द्विपक्षीय बैठक पहले से निर्धारित नहीं थी।
इस मुलाकात में खास क्या रहा?
- पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया।
- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौके पर मौजूद थे।
- मुलाकात सामूहिक फोटो सेशन के दौरान हुई।
- दोनों नेताओं के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कुछ दूरी पर मौजूद थे।
पास खड़े शहबाज शरीफ भी देखते रहे नजारा
प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी कुछ दूरी पर खड़े दिखाई दिए। वह दोनों नेताओं की बातचीत और अभिवादन का नजारा देखते रहे।
हालांकि, इस दौरान पीएम मोदी और शहबाज शरीफ के बीच किसी बातचीत की जानकारी सामने नहीं आई है।
मोदी-जिनपिंग की मुलाकात के दौरान पुतिन की मौजूदगी ने इस पूरे दृश्य को और महत्वपूर्ण बना दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं।
आतंकवाद के मुद्दे पर पीएम मोदी का कड़ा संदेश
SCO Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के क्षेत्रीय और रणनीतिक हितों को प्रमुखता से सामने रखा। अपने संबोधन में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया।
पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों से एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से मुकाबला केवल किसी घटना के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिया।
आतंकवाद के खिलाफ इन मुद्दों पर दिया जोर
- आतंकवाद की फंडिंग रोकना
- आतंकियों की भर्ती पर लगाम लगाना
- कट्टरपंथ के खिलाफ कार्रवाई
- आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने वाले नेटवर्क को खत्म करना
- आतंकवाद के खिलाफ देशों के बीच सहयोग बढ़ाना
‘आतंकवाद को रणनीतिक संपत्ति नहीं बनाया जा सकता’
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने किसी देश का सीधे नाम लिए बिना कहा कि जो राष्ट्र आतंकवाद को अपनी नीति का माध्यम बनाते हैं या आतंकियों को समर्थन और पनाह देते हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए।
पीएम मोदी का जोर इस बात पर रहा कि आतंकवाद को किसी भी देश के लिए रणनीतिक साधन या संपत्ति के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ डबल स्टैंडर्ड की नीति खत्म करने की जरूरत भी बताई।
SCO मंच पर भारत की रणनीतिक प्राथमिकताएं
प्रधानमंत्री मोदी ने SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों को प्रमुखता से रखा। आतंकवाद के अलावा क्षेत्रीय स्थिरता और सदस्य देशों के बीच सहयोग भी संगठन के एजेंडे के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी और सामूहिक कार्रवाई जरूरी है।
मोदी-जिनपिंग मुलाकात पर बढ़ी नजर
SCO Summit के दौरान मोदी और जिनपिंग की यह संक्षिप्त मुलाकात ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर रहती है।
हालांकि यह मुलाकात औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं थी, लेकिन फोटो सेशन के दौरान दोनों नेताओं की गर्मजोशी और बातचीत ने कूटनीतिक हलकों में ध्यान जरूर खींचा है।
वहीं, एक ही फ्रेम में मोदी, जिनपिंग और पुतिन की मौजूदगी तथा कुछ दूरी पर खड़े शहबाज शरीफ का दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
SCO Summit में हुई यह मुलाकात भले ही छोटी रही हो, लेकिन इसके राजनीतिक और कूटनीतिक संकेतों को लेकर चर्चाएं लंबे समय तक जारी रहने की संभावना है।



