
पीएम नरेंद्र मोदी ने भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने कई मुद्दों पर काम पूरा कर दिया है और अब भी बचे हुए मसलों पर हमारा कमिटमेंट है और उसके लिए सकारात्मक प्रयास जारी हैं। उन्होंने खासतौर पर दो मुद्दों की बात की। पीएम मोदी ने कहा कि हम समान नागरिक संहिता और एक राष्ट्र एक चुनाव पर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं और कहा कि भाजपा ने जिन मुद्दों को उठाया था, उनमें से कई पूरे हो गए हैं। पीएम मोदी ने कहा, ‘अंग्रेजों के दौर के सैकड़ों कानूनों का अंत, आर्टिकल 370 और 35A का हटना, लोकतंत्र के लिए नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य समाज के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण, राम मंदिर का निर्माण और तीन तलाक पर रोक जैसे कितने ही काम हमने किए हैं।’
यही नहीं इसके आगे उन्होंने यह भी बता दिया कि आगे क्या फोकस रहेगा। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा के दो प्रमुख मुद्दे हैं- समान नागरिक संहिता और एक राष्ट्र एक चुनाव। ये अभी लागू नहीं हुए हैं, उन पर सकारात्मक चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा एकमात्र राजनीतिक दल है जहां हम दल को अपनी मां मानते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा मिशन अभी भी जारी है और हमारा लक्ष्य विकसित भारत का निर्माण करना है। इसकी प्राप्ति के लिए हम निस्वार्थ भाव से लगे रहेंगे। कुछ ही सालों में भाजपा अपने 50 साल पूरे करने जा रही है। यह बहुत बड़ा पड़ाव है और प्रेरणा है। हमें नए लक्ष्यों को तय करना है और बदलती तकनीक के अनुसार खुद को ढालना भी है।
इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी असम के चुनाव प्रचार में भी व्यस्त हैं। वह आज राज्य में तीन चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं। इनमें से एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने वोटर्स और खासतौर पर महिलाओं को लुभाने की कोशिश की। पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2029 के आम चुनाव में संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण होगा, असम की महिलाओं को सभी पार्टियों से आग्रह करना चाहिए ताकि विधेयक का पारित किया जाना सुनिश्चित हो सके। बता दें कि अप्रैल में ही तीन दिन के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है। कहा जा रहा है कि इसी सेशन में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को मंजूरी दी जाएगी।
महिला आरक्षण की असम चुनाव में दिलाई याद
इस संशोधन विधेयक में तय किया जाएगा कि महिला आरक्षण को 2029 से ही लागू किया जाए। इससे पहले 2023 में पारित ऐक्ट में 2034 के आम चुनाव से महिला आरक्षण को लागू किए जाने की तैयारी थी। अब इसे 2029 से ही शुरू करने की चर्चा है। बता दें कि सरकारी सूत्रों का कहना है कि कुल सीटों में 50 फीसदी का इजाफा होगा और फिर उनमें से 33 फीसदी को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। इस आरक्षण के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को ही आधार बनाया जाएगा और उसी के तहत सीटों का परिसीमन भी किया जाएगा।



