
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
केजरीवाल ने कहा कि केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
केजरीवाल ने PM मोदी के ऐलान पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई जवाब नहीं दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि—
- छात्रों की मांगों पर सरकार क्या कदम उठा रही है?
- पेपर लीक रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई?
- शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही?
“छात्रों की बजाय मंत्री को बचाने का प्रयास”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय शिक्षा मंत्री को बचाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर भी सवाल
AAP नेता ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में पहले से ही कई गंभीर मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें मौजूद हैं, लेकिन कई मामलों में सुनवाई में लंबा समय लग जाता है।
उन्होंने दावा किया कि केवल नई अदालतें बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है।
छात्रों पर कार्रवाई का भी उठाया मुद्दा
केजरीवाल ने पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई।
- कई छात्रों को चोटें आईं।
- कुछ घायल छात्रों से उन्होंने जंतर-मंतर पर मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की परेशानी को समझना चाहिए और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
पेपर लीक रोकने के लिए सिस्टम सुधार की मांग
केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं और सरकार को भविष्य में सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि केवल कार्रवाई की घोषणा करने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि—
- परीक्षा प्रणाली को मजबूत करना होगा।
- जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी होगी।
- पारदर्शी व्यवस्था बनानी होगी।
राजनीतिक टकराव बढ़ा
PM मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट वाले बयान के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। वहीं, सरकार का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
प्रमुख बातें
- PM मोदी ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही।
- अरविंद केजरीवाल ने इसे छात्रों की मांगों के लिए अपर्याप्त बताया।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
- AAP ने परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग की।
- NEET पेपर लीक मामला राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
नोट: यह समाचार नेताओं के सार्वजनिक बयानों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों और दावों की पुष्टि संबंधित जांच एवं आधिकारिक प्रक्रियाओं के आधार पर होगी।



