
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन परिसर में करीब साढ़े तीन घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक अमित शाह के कार्यालय में आयोजित की गई।
हालांकि, बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सरकार की ओर से जारी नहीं की गई है। बैठक का समय और इसकी अवधि राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रही।
शिक्षा से जुड़े मुद्दों के बीच हुई बैठक
यह बैठक ऐसे समय हुई, जब शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी ‘चलो संसद’ अभियान के तहत संसद की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल थीं—
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार।
- कथित पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई।
- शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के कदम।
हालांकि, सरकार की ओर से इस बैठक को इन घटनाओं से जोड़कर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात
इसी दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कई मांगें रखी गईं, जैसे—
- शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई।
- कथित प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग।
- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग रोकने की अपील।
सरकार से बातचीत का प्रस्ताव
मुलाकात के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया था।
उन्होंने बताया कि—
- प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई।
- सरकार ने उनका लिखित ज्ञापन प्राप्त कर लिया है।
- प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग की अपील की गई।
सोनम वांगचुक का बयान
प्रदर्शन से जुड़े सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदारी स्वीकार करती है और संसद में इन मांगों पर चर्चा का भरोसा देती है, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे।
उन्होंने संवाद और समाधान के माध्यम से आगे बढ़ने की बात कही।
संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सोमवार को जंतर-मंतर से निकले प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की।
स्थिति के दौरान—
- कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी।
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
- सुरक्षा एजेंसियों ने संसद परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
दोपहर तक प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में होने की जानकारी दी।
बैठक पर बनी हुई हैं निगाहें
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के बीच हुई लंबी बैठक की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में इस बैठक के एजेंडे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं।
फिलहाल, सरकार की ओर से बैठक में हुई चर्चा या किसी निर्णय को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संसद सत्र के दौरान शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आगे होने वाली चर्चा पर सभी की नजरें टिकी हैं।



