
जशपुर जिले के पत्थलगांव वन क्षेत्र में इन दिनों हाथियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। खड़ामाचा इलाके में पिछले करीब दो महीने से 12 हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों के गांव के आसपास पहुंचने से जहां ग्रामीणों में डर का माहौल है, वहीं खेतों में हाथियों की गतिविधियों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में हाथियों का झुंड धान के खेतों में घूमता और अटखेलियां करता नजर आ रहा है। देखने में यह नजारा बेहद आकर्षक लग रहा है, लेकिन किसानों के लिए यह परेशानी का कारण बन गया है। हाथियों के खेतों में पहुंचने से धान की खड़ी फसल को भारी नुकसान हो रहा है।
धान के खेतों में पहुंचकर फसल कर रहे बर्बाद
पत्थलगांव वन क्षेत्र के खड़ामाचा इलाके में हाथियों का दल लगातार सक्रिय है। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी रात के समय खेतों की ओर पहुंच रहे हैं और धान की फसल को रौंद रहे हैं।
किसानों की मेहनत पर हाथियों का यह हमला आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है। महीनों की मेहनत से तैयार हो रही फसल के खराब होने से किसानों में चिंता बढ़ गई है।
हाथियों के झुंड की गतिविधियां:
- धान के खेतों में प्रवेश करना।
- फसल को रौंदना।
- खेतों में घूमना और आराम करना।
- गांव के आसपास मौजूद रहना।
वायरल वीडियो में दिखा हाथियों का खूबसूरत लेकिन चिंता बढ़ाने वाला नजारा
हाथियों का खेतों में घूमने का वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से चर्चा में आ गया है। वीडियो में हाथियों को धान के खेतों में चलते और लेटते हुए देखा जा सकता है।
लोगों के लिए यह दृश्य भले ही आकर्षक हो, लेकिन स्थानीय किसानों के लिए यह गंभीर समस्या है। हाथियों के कारण फसल नुकसान के साथ-साथ मानव-हाथी संघर्ष का खतरा भी बना हुआ है।
वन विभाग की टीम लगातार कर रही निगरानी
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग सतर्क है। विभाग की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जंगल क्षेत्र में हाथियों के लिए भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। इसके बावजूद हाथियों का दल गांवों और खेतों की ओर पहुंच रहा है।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वन अमला ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।
ग्रामीणों से की जा रही अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि हाथियों के करीब जाने, उन्हें भगाने या छेड़ने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों को विशेष रूप से रात के समय सतर्क रहने और हाथियों की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की सलाह दी गई है।
मानव-हाथी संघर्ष रोकना बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ के कई वन क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। जंगलों के आसपास बसे गांवों में हाथियों की आवाजाही से किसानों और वन विभाग दोनों के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं।
जशपुर के खड़ामाचा क्षेत्र में भी वन विभाग की कोशिश है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल क्षेत्र की ओर वापस भेजा जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल 12 हाथियों के इस दल पर लगातार नजर रखी जा रही है।



