Featureछत्तीसगढ़

ऐप से करोड़ों कमाई का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ाया, क्रिप्टो निवेश के नाम पर लोगों को फंसाते थे आरोपी

सरगुजा पुलिस ने ऑनलाइन निवेश और क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक ऐप के जरिए निवेश कराने और कम समय में कई गुना पैसा बढ़ाने का लालच देकर लोगों से रकम लेते थे।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी सेमिनार आयोजित कर लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे। इसके बाद उन्हें मोटे रिटर्न का सपना दिखाकर पैसे जमा करवाए जाते थे।

10 हजार रुपये निवेश कर 1 लाख का दिया था लालच

मामला मणीपुर थाना क्षेत्र का है। यहां निवासी विद्याचरण राव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, गांव के त्रिपाल टोप्पो ने उसे ऑनलाइन शेयर मार्केट में फायदा होने और खुद इससे जुड़े होने की बात बताई थी। इसके बाद उसने विद्याचरण की मुलाकात उदयपुर निवासी राजकुमार पैकरा से कराई।

राजकुमार पैकरा ने उसे बताया कि Biget Wallet (LGNS) क्रिप्टो वॉलेट ऐप में पैसा लगाने से काफी ज्यादा मुनाफा मिलता है।

इसके बाद:

  • 19 जुलाई 2026 को होटल फिल आनंदम में ट्रेनिंग आयोजित की गई।
  • लैपटॉप और प्रोजेक्टर के माध्यम से निवेश की जानकारी दी गई।
  • 12 लेवल पूरे करने के बाद लगातार पैसा मिलने का दावा किया गया।
  • एक साल में 10 हजार रुपये को 1 लाख रुपये बनाने का लालच दिया गया।

आरोपी राजकुमार पैकरा ने पीड़ित से 10 हजार रुपये नकद लेकर निवेश के नाम पर ठगी की।

सेमिनार के जरिए बनाते थे लोगों को शिकार

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी होटल और अन्य स्थानों पर सेमिनार आयोजित करते थे। इन कार्यक्रमों में लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और शेयर मार्केट में निवेश के फायदे गिनाए जाते थे।

आरोपी लोगों को मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाते थे और फिर उनके जरिए क्रिप्टोकरेंसी खरीदने की प्रक्रिया पूरी करवाते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी:

  • नए लोगों को जोड़ने पर जोर देते थे।
  • ज्यादा रिटर्न का दावा करते थे।
  • निवेशकों को लगातार पैसा बढ़ने का भरोसा दिलाते थे।
  • सेमिनार के जरिए नेटवर्क तैयार करते थे।

पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने जांच के बाद पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने सेमिनार आयोजित करने और लोगों से निवेश कराने की बात स्वीकार की।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  1. कान्ता प्रसाद राजवाड़े
    उम्र 27 वर्ष, निवासी सिंगीटाना, थाना लखनपुर।
  2. राजकुमार पैकरा
    उम्र 42 वर्ष, निवासी पण्डरीडांड, उदयपुर।
  3. जीवन साय टोप्पो
    उम्र 36 वर्ष, निवासी महादेवटिकरा नावानगर, थाना दरिमा।
  4. फिरोज लकड़ा
    उम्र 35 वर्ष, निवासी टपरकेला, थाना दरिमा।
  5. मुकेश कुमार गुप्ता
    उम्र 46 वर्ष, निवासी अम्बे कॉलोनी, गांधीनगर।

लैपटॉप, प्रोजेक्टर और दस्तावेज जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए कई सामान बरामद किए हैं।

जब्त सामग्री:

  • लैपटॉप।
  • लैपटॉप बैग।
  • चार्जिंग वायर।
  • प्रोजेक्टर।
  • स्पीकर।
  • मोबाइल फोन।
  • 3 डायरी।
  • 1 नोटबुक।
  • 1 टी-शर्ट।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। जांच में अपराध के सबूत मिलने के बाद धारा 317(4) बीएनएस भी जोड़ी गई है।

पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

सरगुजा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश, क्रिप्टोकरेंसी और शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें।

पुलिस ने कहा कि किसी भी ऐप या कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता और कानूनी स्थिति की जांच जरूर करें। कम समय में कई गुना पैसा बढ़ाने का लालच अक्सर साइबर ठगी का तरीका हो सकता है।

Related Articles

Back to top button