
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा वन मंडल अंतर्गत ग्राम सिंघनपुरी में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब खेतों के बीच मार्ग के पास एक तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुए को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग ने बिना किसी जोखिम के पूरे इलाके को घेर लिया। ग्रामीणों को समझाइश देकर तेंदुए से दूरी बनाए रखने की अपील की गई, ताकि वन्यप्राणी के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची
तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलते ही वन मंडल अधिकारी के मार्गदर्शन में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। उप वन मंडल अधिकारी कवर्धा, परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा एवं भोरमदेव अभयारण्य की टीम के साथ थाना प्रभारी कवर्धा और राजनवागांव की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची।

टीम ने सबसे पहले क्षेत्र की घेराबंदी की। इसके साथ ही ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों ने लोगों से तेंदुए के नजदीक नहीं जाने और किसी तरह की भीड़ या शोर नहीं करने की अपील की।
रायपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम
तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के लिए रायपुर से वन्यप्राणी विशेषज्ञों और चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञों के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद तेंदुए की स्थिति, आसपास का इलाका और रेस्क्यू की परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक आकलन किया गया।
सभी जरूरी तैयारियों के बाद दोपहर 1:42 बजे ट्रैंक्विलाइजर डार्ट की मदद से तेंदुए को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया गया।
लगभग 8 साल का बताया गया तेंदुआ
प्रारंभिक जांच में रेस्क्यू किए गए तेंदुए की उम्र करीब 8 वर्ष आंकी गई है। वन्यप्राणी चिकित्सकों ने मौके पर उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार भी किया।
रेस्क्यू के बाद तेंदुए को आगे के उपचार और निगरानी के लिए भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य ले जाया गया है। वन विभाग के अनुसार, तेंदुए के पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे नियमानुसार उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
ग्रामीणों से वन विभाग की खास अपील
तेंदुए के रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से वन्यप्राणियों के मामले में सतर्कता बरतने की अपील की है।
- वन्यप्राणी दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं।
- तेंदुए को देखने के लिए भीड़ जमा न करें।
- उसे घेरने या भगाने की कोशिश न करें।
- सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के चक्कर में जोखिम न उठाएं।
- तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचना दें।
- बच्चों और मवेशियों को ऐसे स्थानों से दूर रखें।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने पर जोर
ग्राम सिंघनपुरी में हुई यह कार्रवाई वन विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। समय पर सूचना मिलने और तत्काल टीम पहुंचने से स्थिति को नियंत्रित किया गया और तेंदुए को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सका।
वन विभाग लगातार मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने तथा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यप्राणी नजर आने की स्थिति में लोगों की सतर्कता और विभाग को समय पर सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण है।



