
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले तीन दिनों में दुनिया के कई प्रमुख नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें करने वाले हैं। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों से होगी।
इन बैठकों को भारत की वैश्विक कूटनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन में जहां बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होगी, वहीं अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ होने वाली बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग के मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
पहले दिन पुतिन और पेजेशकियन से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है।

ये सभी बैठकें ब्रिक्स सम्मेलन से इतर होंगी। ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख भारत पहुंच रहे हैं।
शी जिनपिंग के साथ भी होगी अहम बैठक
प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर भी खास नजर रहेगी। दोनों नेताओं के बीच शनिवार शाम मुलाकात निर्धारित है।
भारत और चीन के बीच संबंधों को देखते हुए यह बैठक रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर संवाद और सहयोग को लेकर दुनिया की नजर इस मुलाकात पर रहेगी।
शनिवार को कई देशों के नेताओं से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इनमें शामिल हैं:
- इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली
- मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम
- अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान
- वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग
- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
इसी दिन राष्ट्रपति भवन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ भी मुलाकात होगी।
रविवार को भी जारी रहेगा बैठकों का सिलसिला
प्रधानमंत्री मोदी का व्यस्त कूटनीतिक कार्यक्रम रविवार को भी जारी रहेगा। इस दिन उनकी मुलाकात कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से होगी।
रविवार की प्रस्तावित बैठकों में कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामाफोसा शामिल हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्त नदायिशिमिये, नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो से भी मुलाकात करेंगे।
कहां होंगी प्रधानमंत्री की बैठकें?
प्रधानमंत्री की बैठकों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं।
- शुक्रवार और शनिवार की सभी प्रधानमंत्री स्तरीय बैठकें भारत मंडपम और हैदराबाद हाउस में होंगी।
- रविवार की प्रधानमंत्री की सभी बैठकें भारत मंडपम में निर्धारित हैं।
- ईरान के राष्ट्रपति के साथ राष्ट्रपति की बैठक राष्ट्रपति भवन में होगी।
ब्रिक्स सम्मेलन के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति
तीन दिनों के इस कार्यक्रम से साफ है कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत केवल बहुपक्षीय मंच पर ही सक्रिय नहीं रहेगा, बल्कि अलग-अलग देशों के साथ सीधे संवाद को भी प्राथमिकता देगा।
प्रधानमंत्री मोदी की लगातार होने वाली इन बैठकों में व्यापार, रणनीतिक सहयोग, वैश्विक चुनौतियों, विकास और आपसी संबंधों से जुड़े विषयों पर चर्चा का रास्ता खुल सकता है। हालांकि प्रत्येक बैठक के एजेंडे और संभावित परिणामों की आधिकारिक जानकारी संबंधित वार्ताओं के बाद ही स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर, अगले तीन दिन भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। पुतिन, जिनपिंग और पेजेशकियन जैसे प्रमुख नेताओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकातें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खास चर्चा का विषय बन सकती हैं।



