
उत्तर प्रदेश में खस्ताहाल सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आम जनता की सबसे अधिक आवाजाही वाले मार्गों को मरम्मत के लिए प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
स्कूल-अस्पताल की सड़कों पर पहले ध्यान
सीएम योगी ने कहा कि सड़कें आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खराब सड़कों का असर केवल यातायात पर नहीं पड़ता, बल्कि लोगों को स्कूल, अस्पताल, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में भी परेशानी होती है।

इसलिए उन्होंने विशेष रूप से उन मार्गों को प्राथमिकता देने को कहा जो महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों को जोड़ते हैं।
- अस्पतालों को जोड़ने वाली सड़कें
- स्कूल-कॉलेज तक जाने वाले मार्ग
- मुख्य बाजारों की सड़कें
- सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने वाले रास्ते
- अधिक यातायात वाले प्रमुख मार्ग
- ग्रामीण क्षेत्रों को तहसील और मंडी से जोड़ने वाली सड़कें
मौके पर जाकर सड़कों की जांच करें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल कार्यालयों में बैठकर रिपोर्ट तैयार करने के बजाय मौके पर जाकर सड़कों की वास्तविक स्थिति देखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए।
सीएम योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण या मरम्मत के कुछ समय बाद ही सड़क खराब होने लगे तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। सरकारी धन का इस्तेमाल जनहित के लिए होता है, इसलिए जनता को उसके बदले मजबूत और सुरक्षित सड़क मिलनी चाहिए।
बार-बार सड़क खोदने पर भी लगाम
बैठक में सड़क बनने के बाद पाइपलाइन, सीवर, बिजली केबल या दूसरी सुविधाओं के लिए दोबारा सड़क खोदने की समस्या पर भी ध्यान दिया गया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से पहले यह पता किया जाए कि संबंधित क्षेत्र में पाइपलाइन, सीवर, नाली या केबल बिछाने का कोई काम प्रस्तावित तो नहीं है।
यदि ऐसा कोई कार्य होना है तो उसे सड़क निर्माण से पहले पूरा कराया जाए। इससे नई बनी सड़कों को बार-बार खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सरकारी धन की बर्बादी भी कम होगी।
ग्रामीण सड़कों पर भी विशेष फोकस
सीएम योगी ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की सड़कों को समान महत्व देने की बात कही। ग्रामीण इलाकों में सड़कें लोगों को स्कूल, अस्पताल, मंडी और तहसील मुख्यालय से जोड़ती हैं।
खराब ग्रामीण सड़कों का सीधा असर किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और छोटे कारोबारियों पर पड़ता है। ऐसे में स्थानीय जरूरत और यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए सड़क मरम्मत की प्राथमिकता तय करने को कहा गया है।
शिकायतों का कागजी नहीं, जमीन पर समाधान
मुख्यमंत्री ने सड़क और गड्ढों से जुड़ी जन शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। शिकायत मिलने के बाद समयबद्ध तरीके से कार्रवाई हो और केवल कागजों में निस्तारण न किया जाए।
उन्होंने मौके की स्थिति, तस्वीर और किए गए कार्य की गुणवत्ता के आधार पर शिकायत के समाधान की पुष्टि करने पर जोर दिया। जनप्रतिनिधियों से मिलने वाली सड़क संबंधी सूचनाओं को भी सत्यापन के बाद कार्ययोजना में शामिल करने की बात कही गई।
सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक और टिकाऊ सामग्री के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क बनाते समय क्षेत्र की मिट्टी, मौसम, भौगोलिक परिस्थितियों और यातायात के दबाव को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
हर क्षेत्र में एक जैसी निर्माण तकनीक प्रभावी नहीं हो सकती। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्माण पद्धति अपनाने की जरूरत है।
सड़क सुरक्षा के उपाय भी जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि सड़क निर्माण का मतलब केवल सड़क की सतह तैयार करना नहीं है। जरूरत के अनुसार रोड मार्किंग, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपाय भी किए जाने चाहिए।
दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां सुधारात्मक कार्य करने पर भी जोर दिया गया।
निर्माण में देरी और लापरवाही पर नजर
मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क किया। यदि किसी सड़क परियोजना में तकनीकी, वित्तीय या प्रशासनिक अड़चन आती है तो उसे समय रहते उच्च स्तर पर उठाकर समाधान कराया जाए।
सीएम योगी सड़क आदेश के बाद अब लोक निर्माण विभाग से प्रदेशभर की सड़कों की स्थिति का नए सिरे से आकलन और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत की उम्मीद है। सरकार का जोर ऐसी सड़कों पर है जिनसे बड़ी संख्या में लोगों की रोजाना आवाजाही होती है और जो स्कूल, अस्पताल, बाजार तथा सरकारी संस्थानों को जोड़ती हैं।



