
यूपी में अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्त हुए सीएम योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फायर एनओसी (No Objection Certificate) की समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फायर NOC को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- फायर NOC की वैधता खत्म होने से पहले नोटिस जारी हो
- सभी अस्पतालों, कॉलेजों और होटलों की नियमित जांच की जाए
- सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए
- लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जाए
किन संस्थानों पर रहेगा विशेष फोकस?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम खास तौर पर उच्च जोखिम वाले संस्थानों पर लागू होगा:
- सरकारी और निजी अस्पताल
- मेडिकल कॉलेज
- होटल और बड़े भवन
- सार्वजनिक भीड़ वाले संस्थान
विकास परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा
राज्य ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री ने सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की।
मुख्य बिंदु:
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85% भूमि अधिग्रहण पूरा
- अन्य एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
- समय पर और गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने पर जोर
EV और बिजली व्यवस्था पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने राज्य में आधुनिक तकनीक और ऊर्जा सुधारों पर भी दिशा-निर्देश दिए।
- ईवी चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने पर जोर
- निजी निवेश को प्रोत्साहन
- बिजली चोरी के खिलाफ अभियान
- फीडर-वार लाइन लॉस की जवाबदेही तय करने के निर्देश
क्यों अहम है यह फैसला?
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- आग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा
- सुरक्षा नियमों में पारदर्शिता बढ़ेगी
- संस्थानों की जवाबदेही तय होगी
- आपातकालीन सेवाओं की तैयारी मजबूत होगी



