
1 जुलाई 2026 से एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव और सख्त प्रक्रियाएं लागू हो रही हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही कई खबरों और दावों को लेकर भ्रम की स्थिति भी बनी हुई है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वास्तव में क्या बदला है और किन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं पर इन नियमों का असर पड़ेगा, खासकर Indane Gas, Bharat Gas और HP Gas
के ग्राहकों पर।
📌 1. अब 25 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली बुकिंग
सरकार और तेल कंपनियों द्वारा लागू मौजूदा व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन तक हो सकती है। यह व्यवस्था जमाखोरी रोकने और आपूर्ति संतुलित रखने के उद्देश्य से लागू की गई है।
🔐 2. गैस डिलीवरी के लिए OTP जरूरी
अब अधिकांश क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी OTP आधारित सत्यापन के बाद ही पूरी मानी जाएगी। उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा, जिसे डिलीवरी के समय साझा करना होगा। इसका उद्देश्य फर्जी डिलीवरी और दुरुपयोग को रोकना है।
📝 3. e-KYC पूरा करना जरूरी
तेल कंपनियां सभी उपभोक्ताओं से e-KYC अपडेट कराने की अपील कर रही हैं। विशेष रूप से Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के लाभार्थियों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि e-KYC लंबित रहने पर सब्सिडी प्रभावित हो सकती है।
💰 4. उज्ज्वला योजना लाभार्थियों पर ज्यादा असर
सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को वर्तमान में बहुत कम या लगभग शून्य सब्सिडी मिलती है, लेकिन उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर मिलने वाली सहायता राशि e-KYC लंबित रहने पर प्रभावित हो सकती है।
⚠️ 5. PNG होने पर LPG कनेक्शन काटने का दावा
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि जिन उपभोक्ताओं के पास PNG कनेक्शन है, उनका LPG कनेक्शन स्वतः बंद कर दिया जाएगा। फिलहाल इस दावे की कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल अपनी गैस कंपनी या सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
✅ उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
- अपने गैस कनेक्शन की e-KYC स्थिति जांचें।
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखें।
- गैस डिलीवरी के समय OTP साझा करने के लिए तैयार रहें।
- अफवाहों या अपुष्ट सोशल मीडिया संदेशों पर भरोसा न करें।
- किसी भी बदलाव की पुष्टि अपनी गैस एजेंसी या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से करें।



