
भोपाल, मध्य प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने ऑफिशियल कारकेड का आकार घटाने का निर्णय लिया है।
- अब मुख्यमंत्री के काफिले में पहले 13 वाहनों की जगह केवल 8 वाहन शामिल होंगे।
- यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा।
उद्देश्य और लाभ
- ईंधन की खपत कम करना और अनावश्यक वाहनों की आवाजाही रोकना।
- सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न आए, इसके लिए सभी प्रोटोकॉल का पालन।
- शहर के ट्रैफिक पर दबाव कम होने की संभावना।
नए नियम:
- मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान गाड़ियों की रैलियों या अतिरिक्त काफिलों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
- वीआईपी मूवमेंट से पहले की तुलना में सड़क यातायात और ईंधन खपत पर नियंत्रण होगा।
देशभर की अपील पर आधारित कदम
- यह निर्णय प्रधानमंत्री की अपील के बाद आया जिसमें उन्होंने ऊर्जा संसाधनों के बेहतर उपयोग, पेट्रोल-डीज़ल की बचत और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया था।
- मध्य प्रदेश में इसे व्यावहारिक प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
- प्रशासन ने सुरक्षा और परिवहन इकाइयों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि निर्धारित संख्या से अधिक वाहन न चलें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
- विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यवस्थाओं से सरकारी संसाधनों की बचत और अनावश्यक खर्च में कमी लाई जा सकती है।
- आम जनता को ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।
- यह संदेश भी जाएगा कि बड़े पदों पर बैठे लोग संसाधनों के संरक्षण की दिशा में कदम उठा रहे हैं।



