Featureराष्ट्रीय

भोपाल: मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान की सराहना, “गोदा से नर्मदा” जलयात्रा के समापन समारोह में की महत्वपूर्ण घोषणाएं

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गोदा से नर्मदा, जलयात्रा, महेश्वर, नर्मदा

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान की सराहना करते हुए बुधवार शाम खरगोन जिले की ऐतिहासिक नगरी महेश्वर में आयोजित “गोदा से नर्मदा” जलयात्रा के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अहिल्यादेवी ने केवल एक आदर्श योद्धा और शक्तिशाली शासिका के रूप में नहीं, बल्कि एक पुण्यश्लोका के रूप में भी सनातन संस्कृति को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यह जलयात्रा अहिल्यादेवी की कर्मभूमि महेश्वर में समापन के साथ ही उनकी विरासत को पुनः उजागर कर रही है। उन्होंने कहा कि इस जलयात्रा के समापन पर उत्साह का वातावरण महेश्वर में देखने को मिला है, जो कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के सांझा इतिहास और संस्कृति का प्रतीक है।

“गोदा से नर्मदा” जलयात्रा का आयोजन
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र शासन द्वारा इस जलयात्रा के आयोजन की सराहना की, और कहा कि यह यात्रा लोकमाता के जलप्रबंधन और लोक कल्याण की आदर्श विरासत को जनजन तक पहुँचाने का एक माध्यम बनी। यह यात्रा महाराष्ट्र के 130 नदियों के जल और लोकमाता की जन्मस्थली चोंडी की पवित्र मिट्टी लेकर महेश्वर पहुंची है, जहां रजवाड़ा परिसर में बेलपत्र का पौध रोपण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि महेश्वर में देवी अहिल्यालोक का निर्माण किया जा रहा है, जिसके भूमि-पूजन का कार्यक्रम शीघ्र ही होगा। इसके साथ ही उन्होंने महेश्वर में फोरलेन हाइवे बनाने का भी ऐलान किया, जिससे महेश्वर आवागमन की सुविधा और अधिक बेहतर होगी।

जल संरक्षण और लोकमाता की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्यादेवी की प्रेरणा से महेश्वर में दशहरा के समय शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके अलावा, महेश्वर के अहिल्याघाट पर प्रतिदिन लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोकमाता के गौरवमयी इतिहास को प्रदर्शित किया जाता है।

महाराष्ट्र के मंत्री और मुख्यमंत्री की उपस्थिति
समारोह में महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री डॉ. राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने लोकमाता के जलप्रबंधन, लोक कल्याण और सुशासन के योगदान को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि “गोदा से नर्मदा” जलयात्रा ने जल संरक्षण को एक नई दिशा दी है और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में जलक्रांति का माहौल बन रहा है।

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जलयात्रा के दौरान की गई जनभागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि यह जलयात्रा न केवल जलसंरक्षण के बारे में जागरूकता फैला रही है, बल्कि लोकमाता के आदर्शों को भी जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रही है।

जलयात्रा की महत्ता
इस जलयात्रा का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और लोकमाता अहिल्यादेवी की जलप्रबंधन की विरासत को जनजागरूकता के रूप में प्रस्तुत करना था। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के तीन जिलों से यह यात्रा होकर महेश्वर स्थित अहिल्याघाट पर समाप्त हुई, जहां यात्रा में एकत्रित जलकलश और मिट्टीकलश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए।

मुख्यमंत्री ने किया पवित्र महाआरती का आयोजन
समारोह के अंत में, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने महेश्वर के अहिल्याघाट पर विधि-विधान से मां भगवती नर्मदाष्टक महाआरती की। इस अवसर पर नमामि देवी नर्मदे की पवित्र गूंज और आकर्षक आतिशबाजी के बीच मुख्यमंत्री ने माँ नर्मदा से प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की पुष्पांजलि
मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज और लोकमाता अहिल्यादेवी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की, और इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बने।

कार्यक्रम में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के वंशज श्रीमंत यशवंतराव होलकर, केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और अन्य जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।

Related Articles

Back to top button