
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर हमला बोला। विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित घटनाओं का जिक्र करते हुए, उन्होंने गेस्ट हाउस कांड और पूजा पाल प्रकरण का हवाला दिया और सपा पर गंभीर आरोप लगाए। योगी ने कहा कि सपा माफियाओं के सामने नतमस्तक है और महिला सुरक्षा के मामले में उनकी सरकार की नीयत संदिग्ध है।
मुख्यमंत्री ने मायावती के साथ हुए गेस्ट हाउस कांड को याद करते हुए कहा, “उस समय दलित महिला मुख्यमंत्री मायावती की हत्या करने की कोशिश की गई थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मामलों में हमेशा उपेक्षा की है। योगी ने यह भी कहा कि सपा विधायक पूजा पाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं, जिन्होंने राजू पाल की हत्या के बाद सपा माफियाओं के सामने झुककर अपनी आवाज नहीं उठाई।
सपा पर आरोपों की झड़ी
योगी ने आगे कहा कि सपा की सहानुभूति न तो पिछड़ों, न दलितों, और न ही पूजा पाल जैसे लोगों के प्रति है। उन्होंने इस बात को भी स्पष्ट किया कि सपा और कांग्रेस दोनों ने महिला कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों का विरोध किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 में जब महिलाओं के लिए जनधन योजना आई थी, तो सपा और कांग्रेस ने इसका विरोध किया। इसी तरह शौचालय निर्माण योजना के खिलाफ भी इन दोनों पार्टियों ने विरोध किया था, जबकि इस योजना ने महिलाओं की गरिमा और स्वच्छता को बढ़ावा दिया।
सपा और कांग्रेस का विरोध
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “नारी के उत्थान के लिए आई हर योजना का इंडी गठबंधन ने विरोध किया।” जब स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत हुई, तो सपा और कांग्रेस ने उसका विरोध किया। योगी ने उदाहरण देते हुए कहा कि सपा सरकार में ढाई साल में केवल 40 लाख शौचालय बनाए गए थे, लेकिन उनकी सरकार में 2017 के बाद 2 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य लाभकारी योजनाएं
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना का भी जिक्र किया, जिसमें कहा कि सपा के शासनकाल में एक भी प्रधानमंत्री आवास का निर्माण नहीं हुआ था। इसके विपरीत, एनडीए सरकार के तहत देशभर में 4 करोड़ मकान बनाए गए हैं और उत्तर प्रदेश में 65 लाख प्रधानमंत्री आवास बनवाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री घरौनी योजना के तहत महिलाओं को भूमि का मालिकाना हक दिया जा रहा है, और यूपी में एक करोड़ घरौनी दी गई हैं। इसके अलावा, सामूहिक विवाह योजना और कन्या सुमंगला योजना जैसे कार्यक्रमों का सपा ने विरोध किया, जबकि उनकी सरकार ने 6 लाख बेटियों की शादी कराई और 26 लाख से अधिक महिलाओं को 25,000 रुपये दिए।
नारी वंदन और संसद में विरोध
योगी ने यह भी आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस ने नारी वंदन अधिनियम के पारित होने के बाद संसद में इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार दर्शाता है कि इन पार्टियों का नारी सशक्तिकरण के प्रति वास्तविक समर्थन नहीं है।



