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दिल्ली में क्या कर रहे थे? CM रेखा गुप्ता पर हमले के आरोपी की याचिका खारिज, HC ने सख्त टिप्पणी की!

दिल्ली उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी: रेखा गुप्ता पर हमले के आरोपी की याचिका खारिज, ट्रायल जारी रहेगा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर पिछले वर्ष अगस्त में हुए कथित हमले के मामले में आरोपियों की राहत की याचिका को खारिज कर दिया। इस महत्वपूर्ण फैसले में जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग को नकारते हुए आरोपियों के खिलाफ जांच और सुनवाई के जारी रहने का आदेश दिया।

क्या है पूरा मामला?

20 अगस्त 2025 को, दिल्ली में रेखा गुप्ता की सिविल लाइंस कैंप ऑफिस में आयोजित जन सुनवाई के दौरान एक गंभीर हमला हुआ था। आरोपियों सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई और तहसीन रजा पर हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और एक सरकारी कर्मचारी पर हमले के आरोप हैं। ट्रायल कोर्ट ने दिसंबर 2025 में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराएं तय की थीं, और अब मामले की सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय में चल रही है।

दिल्ली में क्या कर रहे थे आरोपी?

सुनवाई के दौरान जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने आरोपी पक्ष से सवाल किया कि जब आरोपी दिल्ली के निवासी नहीं हैं, तो वे मुख्यमंत्री की जन सुनवाई में क्यों शामिल हुए थे? अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि सामान्य रूप से टैक्सी और ऑटो चालक जैसे लोग अपनी रोज़ी-रोटी के लिए काम करते हैं और सैकड़ों किलोमीटर दूर किसी विरोध या गतिविधि में शामिल होने के लिए अपना काम छोड़ते नहीं हैं। इस संदर्भ में आरोपियों की परिस्थितियों और उनके व्यवहार पर सवाल उठाए गए।

आरोपियों की मोबाइल फोरेंसिक जांच:

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आरोपियों सकरिया और तहसीन के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है। जस्टिस भंभानी ने निर्देश दिया कि रोहिणी स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) चार सप्ताह के भीतर मोबाइल की जांच रिपोर्ट पेश करे। इसका उद्देश्य यह जानना है कि क्या आरोपियों के बीच कोई आपसी संपर्क या संबंध था, जो इस हमले से संबंधित हो सकता है। अदालत ने इसे जांच के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य माना है।

सख्त टिप्पणी और ट्रायल का निर्देश:

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी भी कार्यवाही पर रोक तब तक नहीं लगाएगा जब तक यह साबित न हो जाए कि उससे किसी प्रकार की अनहोनी या गलत स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस मामले में कोर्ट को ऐसा कोई आधार नजर नहीं आया, जिसके चलते ट्रायल पर रोक लगाई जाए। इसके बाद, अदालत ने ट्रायल कोर्ट में सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया और 21 मई को अगली सुनवाई की तारीख तय की।

आगे की सुनवाई:

कोर्ट ने यह भी बताया कि मामले में अगले चरण के तहत 20 अप्रैल को सबूत पेश किए जाएंगे। ट्रायल कोर्ट ने पहले ही मेडिकल चीफ, एमएलसी तैयार करने वाले डॉक्टर और रेखा गुप्ता के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) को गवाही के लिए तलब कर लिया है। मामले की सुनवाई अब ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगी, और अदालत का मानना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।

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