
नई दिल्ली। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के बाद हुई पुलिस कार्रवाई और दर्ज मामलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शन में शामिल घायल छात्रों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद छात्रों की मदद के लिए पार्टी की ओर से विशेष कानूनी टीम तैयार की गई है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो जारी कर छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे किसी भी दबाव में न आएं और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता के लिए संपर्क करें।
घायल छात्रों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी
अरविंद केजरीवाल ने छात्रों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए कहा कि जिन छात्रों को—
- कानूनी सलाह की जरूरत है,
- एफआईआर या पुलिस कार्रवाई से जुड़ी मदद चाहिए,
- इलाज या मेडिकल सहायता की आवश्यकता है,
वे पार्टी की सहायता टीम से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है और उनकी हर संभव सहायता की जाएगी।
केजरीवाल पहुंचे अस्पताल, घायलों से की मुलाकात
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मिलने के लिए अरविंद केजरीवाल दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने भर्ती छात्रों का हालचाल जाना और उन्हें सहायता का भरोसा दिया।
केजरीवाल ने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम कानूनी प्रक्रिया में छात्रों का साथ देगी।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर छात्रों पर लाठीचार्ज दिखाई दे रहा है। हालांकि, इन वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समस्या का समाधान करने के बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
केजरीवाल के इन आरोपों पर केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रदर्शन को लेकर विवाद
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई का विरोध किया गया, जबकि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।
इस पूरे मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
केजरीवाल ने छात्रों को दिया भरोसा
केजरीवाल ने कहा कि छात्रों को किसी भी तरह की धमकी या दबाव से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी उनकी कानूनी मदद के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि—
- छात्रों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
- जरूरत पड़ने पर अदालत से जुड़ी सहायता दी जाएगी।
- घायल छात्रों के इलाज में मदद की जाएगी।
मामले में आगे क्या?
दिल्ली प्रोटेस्ट के बाद अब मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर आगे बढ़ रहा है। एक ओर जहां विपक्ष पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, वहीं प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि दर्ज मामलों और पुलिस कार्रवाई को लेकर आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं और छात्रों की सहायता के लिए बनाई गई लीगल टीम किस तरह काम करती है।



