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एमपी कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स को सिली हुई यूनिफॉर्म बांटने की मंज़ूरी दी

मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सिली हुई स्कूल यूनिफॉर्म बांटने की योजना को मंज़ूरी दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाना और सभी बच्चों को समान शिक्षा अवसर उपलब्ध कराना है।

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट ने इस योजना के तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म वितरित करने का निर्णय लिया है। इससे बच्चों और उनके परिवारों पर स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने का आर्थिक बोझ कम होगा। शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि यूनिफॉर्म वितरण प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी और सभी विद्यार्थियों को समय पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कैबिनेट की बैठक में और भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें इंदौर में जिला कोर्ट बिल्डिंग के निर्माण के लिए वित्तीय मंज़ूरी देना शामिल है। इस बिल्डिंग के बनने से न्यायिक कार्यों की प्रक्रिया में तेजी आएगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज स्कीम को जारी रखने का निर्णय भी लिया गया। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हो और अधिक संख्या में योग्य डॉक्टर्स का उत्पादन किया जा सके। इससे स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में गुणवत्ता और पहुंच दोनों बढ़ेंगी।

कैबिनेट ने केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना (Ownership Scheme) के तहत प्रॉपर्टी राइट्स इनिशिएटिव को लागू करने की मंज़ूरी भी दी। इस योजना के तहत लोगों को उनके आवासीय और व्यवसायिक संपत्ति पर कानूनी अधिकार दिलाने की प्रक्रिया तेज़ होगी।

राज्य सरकार ने यह भी कहा कि सभी निर्णय राज्य के विकास और नागरिकों की भलाई को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि यूनिफॉर्म वितरण योजना से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, मेडिकल शिक्षा और न्यायिक ढांचे में सुधार से प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों के लिए यह कदम शिक्षा में समग्र सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा और गुणवत्ता वाली यूनिफॉर्म वितरित की जाएगी।

राज्य सरकार का यह कदम बच्चों और उनके परिवारों के लिए स्कूलिंग अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में लिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि इन फैसलों से शिक्षा, स्वास्थ्य, न्यायिक व्यवस्था और प्रॉपर्टी राइट्स के क्षेत्र में सुधार होगा।

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