
नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद CJP प्रतिनिधि सौरभ दास ने बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई, लेकिन अभी तक कोई ठोस और अंतिम आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने साफ किया कि जब तक मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
नड्डा ने गंभीरता से सुनीं मांगें
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सौरभ दास ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना।
उन्होंने कहा कि—
- बैठक सकारात्मक वातावरण में हुई।
- सरकार ने मुद्दे पर आगे बातचीत का भरोसा दिया है।
- संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर समाधान निकालने की बात कही गई है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला या लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
CJP प्रतिनिधि सौरभ दास ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाना और उनका समाधान कराना है।
उन्होंने कहा कि—
- आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
- सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
- स्पष्ट समाधान मिलने तक प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि बातचीत से उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन मांगों पर ठोस कदम उठाना जरूरी है।
सौरभ दास ने क्या कहा?
सौरभ दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने भरोसा दिया है कि इस विषय पर उचित स्तर पर बातचीत की जाएगी।
लेकिन उन्होंने दोहराया कि अभी कोई पक्का वादा नहीं किया गया है।
उनके अनुसार, आंदोलन जारी रखने का फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जेपी नड्डा ने की धरना खत्म करने की अपील
वहीं, बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की है। नड्डा ने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से मुद्दों के समाधान के लिए तैयार है और प्रदर्शनकारियों को सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करना चाहिए।
प्रदर्शन और बातचीत के बीच बढ़ी निगाहें
CJP और सरकार के बीच हुई यह बैठक आंदोलन के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है। एक ओर सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या बातचीत के जरिए कोई सहमति बन पाती है।



