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महिला आरक्षण और परिसीमन पर पीएम मोदी का बड़ा बयान: ‘किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है

PM मोदी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर दिया बड़ा बयान, कहा- 'राजनैतिक रंग न दें'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिलों पर अपनी अहम प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा कि इस प्रक्रिया में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह महिला आरक्षण कानून का विरोध करने वाले विरोधियों के लिए एक बड़ा संकेत है। पीएम मोदी ने इस बिल के पारित होने पर यह गारंटी दी कि इसमें किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा और यह पूरी प्रक्रिया देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए है

“महिला आरक्षण से इतिहास बन रहा है”

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह बिल सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने भी महिला आरक्षण का विरोध किया है, उनका राजनीति में बुरा हाल हुआ है और विरोध करने वाले दलों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। पीएम मोदी ने इस मुद्दे को राजनीति से अलग रखने की अपील की और इसे देश की जरूरत बताया। उनका कहना था कि “यह महिलाओं का हक है, और अब हमें उनका साथ देना होगा।”

“महिलाओं का योगदान हमारे लिए अनिवार्य”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हमारा देश भाग्यशाली है कि हमें देश की आधी आबादी को राजनीति और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करने का मौका मिल रहा है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना अब जरूरी हो गया है, क्योंकि महिलाएं अब ग्रासरूट लेवल पर लीडर बन चुकी हैं

क्रेडिट की बजाय नीयत पर ध्यान दें

पीएम मोदी ने विरोध करने वाले नेताओं से यह भी कहा कि उनको क्रेडिट की कोई आवश्यकता नहीं है। “मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं, जो चाहे ले सकता है,” उन्होंने कहा। पीएम मोदी ने यह संदेश दिया कि किसी को भी इस बिल के पारित होने के बाद इस पर राजनीति करने का मौका नहीं मिलेगा, और यह सब महिलाओं के हक में है

“मुझे क्रेडिट नहीं चाहिए”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जो लोग इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, उन्हें अब समझना होगा कि महिलाओं को अब अपनी आवाज उठाने का अधिकार मिल रहा है। उन्हें अब किसी की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।” इसके साथ ही पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “मेरे लिए राजनीतिक स्वार्थ से कोई फर्क नहीं पड़ता, मैं सभी को क्रेडिट दे दूंगा, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि यह प्रक्रिया सही दिशा में हो रही है।”

“समाज को इस बदलाव के लिए तैयार होना होगा”

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि पिछले 25-30 सालों में महिलाएं काफी कुछ बदल चुकी हैं। पहले महिलाएं चुप रहती थीं, लेकिन अब वे आवाज़ उठा रही हैं। उनका कहना था कि अब राजनीति में प्रगति के लिए यह बदलाव जरूरी है, और “जो इस बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे, वे लंबी अवधि तक कीमत चुकाएंगे”

“महिलाएं अब निर्णय प्रक्रिया में शामिल होंगी”

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं अब केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया और राजनीतिक जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि “महिलाओं को घर के बाहर, सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रूप से शामिल करना समय की जरूरत है”

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