
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चल रहे जीरो पॉवर्टी अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया है। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।
उन्होंने विशेष टीम गठित कर पात्र परिवारों के अंत्योदय राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
12.50 लाख परिवारों का सर्वे, सामने आए बड़े आंकड़े
बैठक में बताया गया कि जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत अब तक 12.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया जा चुका है।
सर्वे में सामने आए प्रमुख तथ्य—
- करीब 9 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र पाए गए।
- लगभग 5 लाख परिवार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित किए जाएंगे।
- 6.67 लाख परिवारों के पास अभी आयुष्मान कार्ड नहीं है।
- 10.60 लाख परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पात्रता रखने वाले किसी भी परिवार को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जाए।
अंत्योदय कार्ड और आयुष्मान योजना पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन को निर्देश दिया कि विशेष अभियान चलाकर पात्र परिवारों के अंत्योदय कार्ड बनाए जाएं।
साथ ही—
- आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए।
- प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं का लाभ दिया जाए।
- अन्य पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
लखनऊ नाइट सफारी परियोजना को मिली रफ्तार
बैठक में लखनऊ नाइट सफारी परियोजना की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि 15 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय से परियोजना के क्रियान्वयन की अनुमति मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि—
- सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी हों।
- परियोजना को तय समय सीमा में आगे बढ़ाया जाए।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की हुई समीक्षा
प्रदेश में चल रही प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
भूमि अधिग्रहण की स्थिति—
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे – 88.45%
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे – 72.71%
- आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे – 63%
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे – 59.35%
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को 31 जुलाई तक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ग्रेटर नोएडा लॉजिस्टिक हब पर भी फोकस
ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की समीक्षा करते हुए बताया गया कि—
- 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि प्राप्त हो चुकी है।
- लॉजिस्टिक पार्क के लिए पांच कंपनियों ने पंजीकरण कराया है।
मुख्यमंत्री ने परियोजना को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
टेक्सटाइल पार्क और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में लखनऊ के टेक्सटाइल पार्क की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि—
- निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।
- इसे प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाया जाए।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ध्यान में रखते हुए मॉडल बिल्डिंग बायलॉज को जल्द अंतिम रूप दिया जाए।
फायर सेफ्टी और बिजली व्यवस्था पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों तथा होटलों में वैध फायर एनओसी की समीक्षा के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जहां कमी हो वहां तुरंत कार्रवाई कर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा—
- बिजली फीडरों का विस्तृत विश्लेषण किया जाए।
- ओवरलोड, राजस्व और बिजली आपूर्ति की समीक्षा की जाए।
- उपभोक्ता सुविधा और तकनीकी सुधार को प्राथमिकता दी जाए।
डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक सिंचाई पर जोर
बैठक में ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना और ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की भी समीक्षा हुई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि—
- किसानों को आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों से जोड़ा जाए।
- जल संरक्षण को कृषि रणनीति का हिस्सा बनाया जाए।
- ग्रामीण युवाओं के लिए डिजिटल लाइब्रेरी का कार्य समयसीमा में पूरा किया जाए।



